April 16, 2026 12:02 pm

[the_ad id="14531"]

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के कर्मचारियों ने सचिव श्रीमती किरण गुप्ता को की हटाने की है मांग

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के कर्मचारियों ने सचिव श्रीमती किरण गुप्ता को की हटाने की है मांग

रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज कर्मचारी कल्याण संघ से अपने पत्र क्रमांक: 29
दिनांक 21.01.20.26 के माध्यम से मुख्यमंत्री छ.ग. शासन,मुख्य सचिव छ.ग.शासन, वनमंत्री छ.ग.शासन,अपरमुख्य सचिव छ.ग.शासन,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सचिव छ.ग.शासन सहकारिता विभाग को ज्ञापन सौंप कर पिछले 06 वर्षों से भी अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में पदस्थ संयुक्त आयुक्त एवं सचिव सुश्री किरण गुप्ता द्वारा कर्मचारी/अधिकारियों के हितों के विरूद्ध की जा रही तानाशाहीपूर्ण प्रशासनिक मनमानी पर रोक लगाते हुए तत्काल प्रतिनियुक्ति समाप्त किए जाने का मांग किया है।

दरअसल मामला यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ, वनधन भवन, सेक्टर-24, अटलनगर नवा रायपुर में पिछले 06 वर्षों से भी अधिक समय से सहकारिता विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आकर पदस्थ हुई संयुक्त आयुक्त एवं सचिव सुश्री किरण गुप्ता के द्वारा लगातार तानाशाही पूर्ण प्रशासनिक मनमानी की जा रही है जिससे अधीनस्थ कार्यरत् कर्मचारी/अधिकारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।कर्मचारी संघ ने कहा की उनके द्वारा अपने प्रशासनिक शक्तियों का दुरूपयोग कर कार्यरत् – अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रताड़ित व भयादोहन की जा रही है !

जैसे की कार्यरत् कर्मचारियों/अधिकारियों को आर्थिक क्षति/ सस्पेंड/बर्खास्त / दूरस्थ अंचलों में स्थानानांतरण व तत्काल भारमुक्त करने की धमकी दे कर मानसिक रूप से प्रताड़ित की जा रही है। जिसका प्रभाव कर्मचारियों के मनोदशा, कार्यक्षमता एवं पारिवारिक परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

हाल ही में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान में हुए 03 दिवसीय प्रांतव्यापी आंदोलन के दौरान उनके द्वारा दमनात्मक कार्यवाही करते हुए पदाधिकारियों का स्थानानांतरण एवं हड़ताल अवधि का वेतन रोके जाने की मनमाना पूर्ण कार्यवाही की गई है!

जबकि शासन से वेतन रोके जाने वावत् कोई भी आदेश/निर्देश अब तक जारी नहीं हुआ है, उनके द्वारा कार्यालय में कार्यरत् नियमित कर्मचारियों को पद के विपरीत कार्य सौंप कर व पदोन्नति रोककर मूल कार्यों हेतु सेवानिवृत्त कर्मचारी जो उनके चहेते उनको संविदा नियुक्ति देने की कुप्रथा प्रारंभ की गई है जिसका कर्मचारी संगठन घोर निंदा करता है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की खुली अवहेलना करते हुए कर्मचारियों के उपादान की राशि को जानबुझकर आर्थिक क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से रोक दी गई है साथ ही उच्चाधिकारियों को भ्रमित करते हुए संघ कार्यालय को शासन के निर्देशों से परे घोषित कर दी गई है, उनके द्वारा बार बार यह कहा जाता है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ वन विभाग से कोई ताल्लूक नही रखता है, यह सहकारी संस्था है वन मंत्री भी हमें निर्देशित नही कर सकता है येसे अनेको प्रकार के धमकी दिया जाता है।

शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना करते हुए उनके द्वारा कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मनमाना तरिका से संविदा नियुक्ति देकर शासन व राज्य लघु वनोपज संघ को प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये का आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है,जिससे शासन व लघुवनोपज संघ की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उनके द्वारा वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत् कर्मियों को अनैतिक संरक्षण प्रदान कर संघ को लगातार आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है, जिससे संघ की साख खराब हो रही है।

संयुक्त आयुक्त एवं सचिव सुश्री किरण गुप्ता की उक्त कृत्यों पर लघुवनोपज कर्मचारी कल्याण संघ घोर निंदा करता है संगठन ने शासन प्रशासन से अनुरोध है कि उक्त विषय पर त्वरित संज्ञान लेकर 06 वर्ष से भी अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारी सुश्री किरण गुप्ता (संयुक्त आयुक्त एवं सचिव) की तत्काल प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का कष्ट करें जिससे कार्यरत् कर्मचारी स्वच्छ माहौल में अपनी सेवाएं दे सके । और यदि त्वरित संज्ञान लेकर कार्यवाही नहीं की गई तो कार्यरत् कर्मचारी-अधिकारी पुरजोर विरोध करने हेतु बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जवाबदेही विभाग की होगी करके अल्टीमेंटम दे दिया गया है।


वहीं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज कर्मचारी कल्याण संघ के मांगो को समर्थन देते हुए छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने कहा की हमारा संगठन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज कर्मचारी कल्याण संघ के जायज मांगो का समर्थन करता है। सिन्हा जी ने कहा कि राज्य लघु वनोपज संघ के सचिव पद पर पदस्थ अधिकारी श्रीमती किरण गुप्ता लगातार विवादों में घिरी हुई है। उनके द्वारा छोटे छोटे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी लोगों को डरा धमकाकर उनका भयादोहन किया गया है। मानसिक प्रताड़ना देते हुए एक अल्पवेतन के कर्मचारी को रायपुर कार्यालय से हटाकर 80 से 90 किलोमीटर दुर गरियाबंद स्थानान्तरण कर देता है जबकी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी लोगों को स्थानान्तरण किये जाने का ऐसा कोई प्रावधान ही नही है। उसके बाद भी उन्हे रायपुर से हटाकर गरियाबंद कर दिया गया,और येसे कई दैनिक वेतनभोगी है गोदाम सुरक्षा श्रमिक है जो विगत कई वर्षों से सेवा देने के बाद भी उन्हे कार्य से पृथक कर दिया गया। वास्तव में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का तभी उद्धार होगा जब पूर्ण रूप से पूर्व की भांति वन विभाग में आकर अपने अस्तित्व में आयेगा और यह तब संभव होगा जब सचिव पद पर पदस्थ श्रीमती किरण गुप्ता की राज्य लघु वनोपज संघ से होगी बिदाई!

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

Leave a Comment

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम बारनवापारा परियोजना मंडल में, क्षेत्र रक्षक,डिप्टी रेंजर, रेंजर, उप मंडल प्रबंधक के लापरवाही से हो रहा है वनों का विनाश…. चोर ले गये लाखो रूपया का मुरूम

Read More »
[youtube-feed feed=1]
Advertisement
[the_ad_group id="33"]
[the_ad_group id="189"]