April 16, 2026 4:13 pm

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बागबाहरा ब्लाक में शिक्षकों की मनमानी से ग्रामीण है परेशान, बच्चों के भविष्य अंधकारमय, ब्लाक शिक्षा अधिकारी की लगातार स्कुल भ्रमण के बाद हो रही लापरवाही

बागबाहरा ब्लाक में शिक्षकों की मनमानी से ग्रामीण है परेशान, बच्चों के भविष्य अंधकारमय, ब्लाक शिक्षा अधिकारी की लगातार स्कुल भ्रमण के बाद हो रही लापरवाही

 

रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला जहां पर ब्लाक बागबाहरा स्थित जंगल पट्टी के स्कुलों में शिक्षकों की चल रही है मनमानी, केवल नाम मात्र के शिक्षक है काम के नहीं। संचार क्रांति न्यूज एवं संचार भारत न्यूज की टीम ने जह विहड़ जंगल पट्टी के स्कुलों का भ्रमण किया तो पता चला की अधिकतर शिक्षक नादारत ही रहते है पर भी शासन और विभाग से पगार पुरी ले रहे हैं। सर्व प्रथम हमारी टीम ने शासकीय प्राथमिक शाला बोकरामुड़ा का निरीक्षण किया तो पता चला की इस स्कुल में तीन शिक्षक पदस्थ रहे जिसमें डोमार दास वैष्णव, रतनू राम बरिहा तथा विनोद कुमार मरकाम, जिसमे एक शिक्षक विनोद कुमार मरकाम ढ़ेड़ वर्षों तक नादारत थे! यह विनोद कुमार मरकाम हमेशा शराब के नशे में रहता है जिससे बोकरामुड़ा के ग्रामीण भी तरस्त थे जिसकी शिकायत सरपंच ग्राम पंचायत बोकरामुड़ा के द्वारा उच्च कार्यालय को किया गया था।


खण्ड शिक्षा अधिकारी ने उन्हे प्राथमिक शाला बोकरामुड़ा से हटाकर व्यवस्था में विनोद कुमार मरकाम को शासकीय प्राथमिक शाला भरतपारा (टेका) में पदस्थ कर दिया था। प्राथमिक शाला भरतपारा में भी वही हाल रहा लगातार नादारत रहते थे और जब कभी भी स्कुल आते थे तो शराब के नशे में रहते थे। ग्रामीण लोग और स्कुली बच्चे के सांथ सांथ पालक भी बहुत परेशान रहते , जब शिकायत उपर तक पहुंची तो खण्ड शिक्षा अधिकारी ने उसे भरतपारा (टेका) से हटाकर प्राथमिक शाला बिछलादादर में कर दिया गया।

विनोद कुमार मरकाम भरतपारा स्कुल में दिनांक 04.12.2025 को उपस्थित हुआ और 07.12.2026 तक पदस्थ रहा इस दौरान अन्य शिक्षक के बताये अनुसार केवल तीन से चार दिन बस स्कुल आया उसके बाद नादारत रहा है।

भरतपारा स्कुल से विनोद कुमार मरकाम शिक्षक को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के. के. वर्मा के द्वारा उन्हे शासकीय प्राथमिक शाला बिछलादादर में पदस्थ कर दिया लेकिन पूर्व की भांती हालात भी वही रहा ,जब भी आते थे तो नशे के हालत में पहुंचते थे उनकी उपस्थित केवल 03 से 04 दिन रहा उसके बाद से लगातार वहां भी नादारत रहे हैं।


संचार क्रांति न्यूज की टीम ने जब सुबह समय 10:00 बजे बिछलादादर स्कुल पहुंचा तब स्कुल में ताला लगा हुआ पाया! औचक निरिक्षण जब किया तो ग्रामीण लोगों के द्वारा बताया गया कि शासकीय प्राथमिक शाला बिछलादादर में दो शिक्षक एवं एक मैडम है तीन शिक्षक/ शिक्षिकाऐ के रहते हुए भी स्कुल की हालात पस्त है।

ग्रामीणों का कहना है की स्कुल में तीन टीचर है जिसमें प्रधान पाठक संतोष कुमार राठी, एवं शिक्षक विनोद कुमार मरकाम तथा श्रीमति संगीता सिन्हा है के रूप में पदस्थ है, विनोद कुमार मरकाम तो नादारत रहते है उसके सांथ सांथ मैडम भी 12 से 15 दिनो में एक बार स्कुल आती है, और मैडम बाहर से आती है पढ़ाने आराम से आती है और जल्दी चले जाती है ऐसा आम लोगों का कहना है।

विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी लगातार फिल्ड का भ्रमण करते रहते है, कार्यालय में बहुत कम उपलब्ध रहते है, उसके बाद भी बड़ी चुक क्यों? संचार भारत न्यूज व क्रांति न्यूज की टीम ने 20 दिनो से लगातार विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का चक्कर काटा अधिकारी के. के. वर्मा हमेशा दौरा में ही रहते थे, जब इतनी दौरा करते है तो इस प्रकार के लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के उपक क्या कार्यवाही करते हैं।

विनोद कुमार मरकाम लगातार ढ़ेड़ वर्षो से नादारत रहने के बाद भी उनके उपर कोई कार्यवाही नही, यहां तक उनके उपर मेहरबान होकर उक्त अवधि का मेडिकल दिखकर वेतन भी भुगतान करने की पहल जारी कर दिया है।

वैसे शिक्षिका लगातार 10-15 दिनों में एक बार स्कुल जाति है उनके उपर भी मेहरबान है जो समझ से परे है, ग्रामीणजन येसे शिक्षक शिक्षिका पाकर अपने आप को कोष रहे है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित नही है।

बागबाहरा ब्लाक में अब येसा प्रतित होता है कि पैसा का ही बोल बाला है।

विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा लगातार दौरा किया जाना संदेह के घेरे में है, क्या वास्तव में स्कुलों का निरीक्षण करते है या फिर कहीं और जाते है? अगर स्कुलों का निरीक्षण करते है तो लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही क्यों नही की जाती है।
अगर कार्यवाही नही की जाती है तो स्पष्ट होता है कि स्कुलों का भ्रमण नही करते है, अगर करते भी होंगे तो इसके पिछे कुछ राज होगा जो इतनी लापरवाहीयों पर लगातार पर्दा डाला जा रहा है।

गुप्त सुत्रों से पता चला है पैसों के बल में कार्यवाही नगन्य है खण्ड शिक्षा अधिकारी के. के. वर्मा के द्वारा लगातार नादारत रहने वाले शिक्षकों को संरक्षण दिया जा रहा है।
क्या विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965-66 के बारे में पता नही है जो कार्यवाही करने असफल व असहाय नजर आ रहे हैं।
कहीं मोल से तो तौला नही जा रहा है जो कार्यवाही करने पर कलम थम जा रहा है।
आगे देखते है अधिकारी का रूख क्या होगा।
यह मात्र ट्रेलर है फिक्चर पुरा बाकी हैं।

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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