September 14, 2026 5:54 am

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धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू वन परिक्षेत्र चल रहा मनमानी, रेंजर ,लिपीक,कम्प्युटर आपरेटर की काली कमाई की जांच ACB से किया जाये….

धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू वन परिक्षेत्र चल रहा मनमानी, रेंजर ,लिपीक,कम्प्युटर आपरेटर की काली कमाई की जांच ACB से किया जाये….

रायपुर / छत्तीसगढ़ के वन विभाग में धरमजयगढ़ वन मंडल भ्रष्टाचार के मामले में चिन्हांकित हो चुका है, इस वन मंडल में बड़े बड़े पेट वाले अधिकारी कर्मचारी, और कम्प्युटर आपरेटर पदस्थ हैं जो भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं।

धरमजयगढ़ वन मंडल शुरू से ही नामचिन्ह मतलब नामी वन मंडल है, जहां करोड़ो रूपया का झोल झाल चलता ही है, इस मामले कापु वन परिक्षेत्र,लैलूंगा,बोरो,उत्पादन स ईकाई, धरमजयगढ़ फेंमस हो चुका है।

बरहाल कापू रेंज कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं, कुछ आमजनों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर तथा विभागीय कार्यों को लेकर जब भी वन परिक्षेत्र अधिकारी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचते हैं, तो हमेशा वन परिक्षेत्र अधिकारी कापू नादारत रहते है! ज़ब उन्हे कॉल किया जाता हैं तो पता नहीं क्यों इस आधुनिक युग में कॉल उठाना जरुरी नहीं समझते,कार्यालय से संबंधित आवश्यक जानकारी के लिए जब रेंजर को फोन किया जाता है तो कई बार फोन रिसीव नहीं करते है। कार्यालय में पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर गोल गोल घुमाते है,झुठ बोलते है कि रेंजर साहब दौरा गये है,कम्प्युटर आपरेटर अपने ही क्षेत्रवासियों का सहयोग नही करते हैं।

परेशान ग्रामीण अब कहने लगे हैं पूर्व DFO के समय भी वह कॉल नहीं रिसीव करते थे और वर्तमान DFO के समय भी कॉल रिसीव नहीं करते ऐसा लगता हैं मानों वन परिक्षेत्र अधिकारी को उच्च अधिकारी संरक्षण दे रहे हैं।

वन परिक्षेत्र कापू पूर्व से ही भ्रष्टाचार की चपेट में है हांथी फसल प्रकरण मुआवजा, जनहानी पशु हानी प्रकरण, व मजदुरी के आड़ में फर्जी खाता धारकों को भुगतान, आपरेटर अपने रिक्तेदारों के बैंक खाताओं में मजदुरी के राशि हस्तांतरण करते है वैये ही अनेक कर्मचारी है जो इ पैटर्न को विगत एक दसक से अपनाते हुए आ रहे हैं। कापू वन परिक्षेत्र का हाल बेहाल काम के लिए पहुंचते हैं आवेदक, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ता है वन विभाग से जुड़े कार्यों को लेकर उन्हें रेंजर से मुलाकात पड़ रहा है भारी ।

कापू परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ लिपीक है मदमस्त, लिपीक नादारत रहते है, वन परिक्षेत्र अधिकारी नादारत रहते है,इस स्थिति में कम्प्युटर आपरेटर का है बल्ले बल्ले!

अगर आपरेटर का ACB, से जांच कराया जाये तो करोड़ो का आसामी निकलेगा, वरीष्ट अधिकारी कार्यवाही करने में बौना साबित हो रहे है।

आम ग्रामीण अपनी समस्याओं को में कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं , दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों और आवेदकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार आवेदकों की शिकायतें और विभागीय कामकाज किस तरह संचालित हो रहा है कम्प्युटर आपरेटर ही बाबु और रेंजर बने हुए है। CCF बिलासपुर और DFO, धरमजयगढ़ तत्काल कार्यवाही कर सबसे पहले गुमराह करने वाले कम्प्युटर आपरेटर को कापू वन परिक्षेत्र से हटाकर बाहर परिक्षेत्र में भेजा जाये!

कापू वन कार्यालय में रेंजर की उपस्थिति ,लिपीक की उपस्थिति संदेह के दायरें में हैं, कापू वन परिक्षेत्र में तेज तर्रार लिपीक पदस्थ किया जाये, और कापू वन परिक्षेत्र के कम्प्युटर आपरेटर को कापू से हटाकर बोरो परिक्षेत्र जैसे जगहों में तैनात किया जाये!

कापू परिक्षेत्र के कार्यालयीन कार्य की कार्यप्रणाली की जांच किया जाना आवश्यक हो गया है, वन परिक्षेत्र अधिकारी की लापरवाही, कम्प्युटर आपरेटर की लापरवाही, लिपीक की लापरवाही पर नकेल सकना आवश्यक हो गया है।

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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