October 30, 2026 4:58 pm

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बालाघाट में 30 आदिवासी मासूमों की मौत – यह मौत नहीं, भाजपा सरकार द्वारा किया गया नरसंहार है – लोकेश दीवान

बालाघाट में 30 आदिवासी मासूमों की मौत – यह मौत नहीं, भाजपा सरकार द्वारा किया गया नरसंहार है – लोकेश दीवान

रायपुर / मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा के सुदूर बैगा-आदिवासी अंचल के बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका जैसे गांवों में 30 मासूम आदिवासी बच्चों की तड़प-तड़प कर हुई मौत ने भाजपा की डबल इंजन सरकार के विकास के सारे झूठे दावों को बेनकाब कर दिया है। आदिवासी कांग्रेस महासमुंद के जिलाध्यक्ष लोकेश दीवान ने इस घटना को लापरवाही नहीं, बल्कि शासन प्रायोजित हत्या करार देते हुए कहा है कि रिपोर्टें चीख-चीख कर कह रही हैं कि बच्चे सेरेब्रल मलेरिया, खसरा, डायरिया और कुपोषण से मरे हैं, अस्पतालों में एक बेड पर जानवरों की तरह तीन-तीन बच्चे फेंके पड़े हैं, न डॉक्टर है न दवा, और मंत्री भोपाल में एसी में बैठकर आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे हैं।

श्री दीवान ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा को आदिवासियों का वोट तो चाहिए, लेकिन आदिवासी बच्चों के लिए एक गोली तक नहीं है, यह सरकार आदिवासी विरोधी है और इसका असली चेहरा बालाघाट की इन लाशों से उजागर हो गया है, इसलिए आदिवासी कांग्रेस की यह स्पष्ट मांग है कि इस हत्याकांड की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मध्यप्रदेश के निकम्मे स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को तत्काल बर्खास्त कर इस्तीफा लिया जाए, बालाघाट के पूरे बैहर-बिरसा क्षेत्र को हेल्थ इमरजेंसी जोन घोषित कर वहां युद्ध स्तर पर डॉक्टरों की फौज उतारी जाए और जिन 30 घरों के चिराग बुझ गए हैं उनके प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर न्याय दिया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि आदिवासी कांग्रेस चुप बैठने वाली नहीं है, हम पीड़ित परिवारों के आंसू सूखने नहीं देंगे और न्याय की इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे।

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