वन विभाग के महिला दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की साहसी कदम से अवैध लकड़ी से भरें ट्रक पकड़ लिया गया, फर्जी टीपी के सहारे किया जा रहा था लकड़ी परिवहन
रायपुर / छत्तीसगढ़ में इन दिनों स्मगलर लोगों का बोलबाला जारी है लगातार दो नंबर का कार्य करते हुए के हजारों अपराधियों धर दबोचा गया है, इसी कड़ी में वन विभाग के सरगुजा जिला में भी अधिकारी,कर्मचारियों के द्वारा अपराधियों लकड़ी तस्करी करने वालें स्मगलर को वाहन सहित धर दबोचा गया!
दरअसल मामला यह है कि सरगुजा वन मंडल के अंबिकापुर से रामानुजगंज रोड़ पर स्थित पर वनोपज जांच नाका अंबिकापुर में कार्यरत महिला दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी श्रीमती शकिला परविन बानों ने साहसी कदम उठाते हुए अवैध काष्ठ से लदे हुए ट्रक को समय 9:45 बजे सुबह पकड़ा, उक्त ट्रक काष्ठ से भरा हुआ था फर्जी अनुज्ञा पत्र (राहदारी पास) के सहारे सीतापुर से अन्य प्रान्त बिहार ले जा रहा था।



एक महिला दैनिक वेतन भोगी अपने विवेक से फर्जी अनुज्ञा पत्र को चेक करते ही पकड़ लिया का टीपी ही फर्जी है, जिसके पश्चात महिला दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी श्रीमती शकिला परविन बानों ने अपनें वन परिक्षेत्र अधिकारी अंबिकापुर श्री आशिष देवांगन तत्काल सूचना दिये। सूचना पाते वन परिक्षेत्र अधिकारी ने वन अमला को मौके पर भेजकर लकड़ी से भरे ट्रक को जप्त किया!
वन विभाग के अधिकारी ने ट्रक चालक, परिचालक दोनों आरोपी को जेल दाखिल किया गया।

सरगुजा वन विभाग द्वारा 24 अक्टूबर को फर्जी ट्रांजिट पास अनुज्ञा पत्र (TP) के सहारे लकड़ी का तस्करी किया जा रहा था,मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों-मुख्य तस्कर प्रमोद केरकेट्टा और वाहन चालक बीरबल सिंह को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय के आदेशानुसार दोनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया है।
वन विभाग में आज भी दैनिक वेतनभोगी बड़े ही साहस और ईमानदारी के सांथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है, सरगुजा वन मंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल के आते ही तस्करों पर कड़ी कार्यवाही की गई।
लोकनाथ पटेल रायपुर राजधानी के भी डीएफओ रह चुके है, रायपुर में भी लगातार आरामिलों में नकेल कसें थे, सरगुजा अंबिकापुर आते ही उनके निर्देशन एक साहसी महिला दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी श्रीमती शकिला परविन बानों ने लकड़ी से भरे ट्रक जो कि फर्जी टीपी अनुज्ञा पत्र के सहारे छत्तीसगढ़ राज्य से बिहार राज्य जा रहा था उसको पकड़ा!
वाहव में आम व सिलदी की अवैध लकड़ी ले जा रहे ट्रक क्रमांक JH 09 AS 2401 को सीज किया था, विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम और भारतीय वन अधिनियम की धाराओं के तहत POR क्रमांक 20625/20 दर्ज किया है।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों के जेल जाने के बाद भी इस संगठित सिंडिकेट को लेकर जांच लगातार जारी है, पता साजी किया जा रहा है कि उक्त मामले में और कौन कौन सामिल है, फर्जी टीपी तैयार करने वाले गिरोह और पर्दे के पीछे स्मगलिंग करने वालों को नही बख्शा जायेगा!
पुलिस विभाग के बाद वन विभाग आता है जो अतिसंवेदनसील रहता है येसे जगहों पर महिलाओं का साहसी कदम काबिले तारीफ है! वन मंत्री केदार कश्यप एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देशन पर लगातार लकड़ी तस्करों को धरदबोचा जा रहा है, अभी तो केवल दो व्यक्ति हि गिरफ्त में आये है इसके मुख्य सरगना की तालास जारी है जल्द ही अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।





