October 28, 2026 7:45 am

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महासमुंद वनमंडल में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : कछारडीह में भाजपा नेता के घर से 700 नग से अधिक सागौन की अवैध चिरान बरामद

महासमुंद वनमंडल में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : कछारडीह में भाजपा नेता के घर से 700 नग से अधिक सागौन की अवैध चिरान बरामद

रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के चेयरमैन श्री राम सेवक पैकरा के निर्देश पर वन माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत महासमुंद वन परिक्षेत्र में बड़ी सफलता हाथ लगी है।

महासमुंद वन परिक्षेत्र के अंतर्गत झलप उप परिक्षेत्र के ग्राम कछारडीह में कल दिनांक 19/10/2026 को वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की संयुक्त टीम द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई –

वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कछारडीह निवासी एक भाजपा नेता के घर में लंबे समय से अवैध रूप से सागौन की लकड़ियों का जखीरा छुपा कर रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ महासमुंद के निर्देशन में महासमुंद परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन विकास निगम, सिरपुर परियोजना मंडल के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम ने नियमानुसार पंचनामा तैयार कर संबंधित के घर में दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम भी दंग रह गई।

700 नग से अधिक सागौन के पल्ले और लट्ठे जब्त –

ग्रामीणों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 700 नग से अधिक सागौन के पल्ले, चिरान एवं लट्ठे बरामद किए गए हैं। बरामद लकड़ी की बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह सागौन बारनवापारा अभ्यारण्य एवं सिरपुर परिक्षेत्र के संरक्षित वनों से अवैध कटाई कर लाया गया था।

वन विभाग ने समस्त लकड़ी को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा के तहत जब्त कर महासमुंद वन डिपो में सुरक्षित रखा है। आरोपी के विरुद्ध वन अपराध क्रमांक दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम जांच जारी है।

चेयरमैन ने दी सख्त चेतावनी –

इस कार्रवाई के बाद से वन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के चेयरमैन श्री राम सेवक पैकरा ने स्पष्ट कहा है कि – “चाहे वह किसी भी दल का नेता हो, किसी भी रसूख वाला व्यक्ति हो, शासकीय सागौन की अवैध कटाई और चोरी करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। वन हमारी धरोहर है और इसकी सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”

जांच का दायरा बढ़ेगा –

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार यह कोई अकेली घटना नहीं है। इस भाजपा नेता का तार अन्य वन तस्करों से भी जुड़ा हो सकता है। वन विभाग अब इसके पिछले 2 वर्षों के लेन-देन, आरा मशीनों से संपर्क और लकड़ी की सप्लाई चेन की भी जांच करेगा।

ग्रामीणों ने वन विभाग की इस निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना की है और मांग की है कि ऐसे लोगों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी संरक्षित वनों को हाथ लगाने की हिम्मत न कर सके।

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