आम लकड़ी की आड़ में चल रही सागौन की तस्करी, सागौन चिरान से भरा महेन्द्र पिकप पकड़ा गया
रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद वनमंडल में अवैध वनोपज के खिलाफ चलाए जा रहे सघन गश्ती अभियान को सोमवार को एक बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा सीमा पर स्थित टेमरी अंतरराज्यीय वनोपज जांच नाका पर वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की जा रही सागौन की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। जांच के दौरान राजस्थान पासिंग की एक महिंद्रा पिकअप (आरजे 19 एच 5254) को रोका गया। वाहन चालक ने विशाखापट्टनम रेंज से जारी ट्रांजिट पास पेश किया, जिसमें आम की लकड़ी (300 नग चिरान) ले जाने की अनुमति थी। वन कर्मियों को संदेह होने पर जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए।

तस्करों ने शातिर तरीके से ऊपर तो आम की लकड़ी रखी थी, लेकिन उसके नीचे भारी मात्रा में कीमती सागौन चिरान (1.85 घनमीटर) छिपाकर रखा गया था। अवैध सागौन चिरान सहित तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जब्त किया गया है। और भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध क्रमांक 22663/05 पंजीबद्ध किया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओडिशा सीमा से लगे क्षेत्रों में गश्त और कड़ी कर दी गई है। अवैध वनोपज परिवहन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। राजसात करने की तैयारी तस्करी में शामिल वाहन को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस सफल ऑपरेशन में बागबाहरा परिक्षेत्र अधिकारी लोकनाथ ध्रुव, डिप्टी रेंजर दुलार सिन्हा, और फॉरेस्ट गार्ड खेमराज साहू सहित टेमरी नाका के कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही।





