April 18, 2026 3:08 pm

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छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में मंडल प्रबंधक के आदेशों को उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी के कुचला जा रहा है, मनमानी चरम सीमा पर आरोपियों को बंचाने का लिया ठेका, 

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में मंडल प्रबंधक के आदेशों को उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी के कुचला जा रहा है, मनमानी चरम सीमा पर आरोपियों को बंचाने का लिया ठेका,

रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम बारनलापारा परियोजना मंडल में पदस्थ उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी की दादागिरी से वन विकास निगम में दिया जा रहा है आरोपियों को संरक्षण!
दरअसल मामला यह है कि पूर्व में कोडार काष्ठागार में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी, तथा हेमाल लोगों ने कोडार काष्ठागार में कार्यरत ग्रेडर के बारे में लिखित शिकायत दर्ज कराया था जिसके आधार पर मंडल प्रबंधक ने उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी के अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया! उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी के द्वारा एक ग्रेडर के लिए बकायदा विडीयोंग्राफी कराते हुए आवेदक और अनावेदकगणों का बयान दर्ज कराया गया था। सारे बयानों को मद्देनजर रखते हुए उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी ने अपने जांच प्रतिवेदन में अभिमत दिया की ग्रेडर का व्यवहार अभद्र एवं अशोभनीय है!

जिसके आधार पर मंडल प्रबंधक बारनवापारा परियोजना मंडल के द्वारा जांचकर्ता अधिकारी के प्रतिवेदन अनुसार, मंडल प्रबंधक ने अपने आदेश क्रमांक व.वि.नि./स्था./2022/6082 दिनांक 03.02.2022 के द्वारा आदेश जारी किया जिसमें लेख है कि ग्रेडर के द्वारा परियोजना मंडल के कुछ अधिकारी, कर्मचारी, डिपो सुरक्षा श्रमिक,एवं श्रमिकों (हेमाल) द्वारा प्राप्त शिकायत प्रतिवेदन के निवारण हेतू जांच समिति बनाई,जांच समिति के निष्कर्ष को पढ़ने के उपरांत यह ज्ञात होता है कि डिपो में कार्यरत कर्मचारियों एवं श्रमिकों से उनका व्यवहार अभद्र एवं अशोभनीय है! जो कि बारनवापारा परियोजना मंडल की छबि को धुमिल करता है।
अत:यह निर्णय लिया जाता है कि श्री जनक लाल साहु रिकार्डर/ग्रेडर कोडार काष्ठागार को उनके सभी कार्यो से पृथक करते हुए बारनवापारा परियोजना मंडल रायपुर से उनकी सेवा समाप्त की जाती है। इस प्रकार तत्कालीन मंडल प्रबंधक शशि कुमार भारत वन सेवा ने आदेश जारी किया था!


जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनके गुणदोष के आधार पर कार्य से पृथक करने का आदेश जारी किया है तो, यही उप मंडल चित्रा त्रिपाठी उस आदेश का पालन क्यों नही कर रही है, ऐसी क्या परिस्थिति आन पड़ी है जो एक ग्रेडर के सामने नतमस्तक होकर घुटना टेक दिये है और उनसे चुपके से कार्य लेकर वेतन भी भुगतान करा रही है!

उप मंडल प्रबंधक चित्रा त्रिपाठी की दोहरी चाल ने पुरा के पुरा छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की नांक कटा दी है, ये वही जांचकर्ता सुप्रीम अधिकारी है जिन्होने बकायदा विडीयोंग्राफी कराते हुए बड़ी ही ईमानदार अफसर की परिचय देते हुए जांच कर दोषी साबित किया और कार्य से पृथक करने का,अनुशंसा भी किया!

आज अपने से वरीष्ठ अधिकारी के आदेशों को लात मारती हुई,उन्हे चुपके से कार्य पर रखकर वेतन भी भुगतान करा रही हैं।

वरीष्ठ अधिकारी के आदेशों को एकाएक अवहेलना किया जा रहा है ,इसलिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965-66 के तहत उप मंडल प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए।
उप मंडल प्रबंधक के सांथ सांथ कोडार काष्ठागार डिपो में पदस्थ अधिकारी रेंजर, डिप्टी रेंजर क्षेत्र रक्षक को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए तथा आरंग परिक्षेत्र के रेंजर को भी निलंबित किया जाना चाहिए जिन्होने उपस्थिति प्रतिवेदन भेजा था।
वेतन की भुगतान राशि को कोडार काष्ठागार अधिकारी तथा आरंग रेंजर से वसुली किया जाना चाहिए!

ऐसा प्रतित होता है कि उप मंडल प्रबंधक चित्र त्रिपाठी भी 2431 नग 436.459 घन मीटर सागौन लट्ठा के पेंच में फंस तो नही रही है जिसके कारण स्वयं को बचाने के लिये ग्रेडर को सह दिया जा रहा होगा।
बारनवापारा पकरयोजना मंडल के उप मंडल प्रबंधक की एक एक कारनामों का पोल परत दर परत खुलते जायेगा।

प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की कमी है या फिर मंडल प्रबंधक बारनवापारा परियोजना मंडल की कमी है जो एक उप वन मंडल प्रबंधक के उपर कसावट नही ला पा रहे है, यहा तो सीधे तौर पर प्रबंधक संचालक की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है जो कि मंडल प्रबंधक से बड़ा बना दिया गया है उप मंडल प्रबंधक को!

2431 नग = 436.459 घन मीटर सागौन की लट्टा कोडार काष्ठागार डिपो में कैसे आमद हुआ, कैसे निर्वतन हुआ,और उस लकड़ी का पैसा किसके जेब में गया बहुत ही गंभीर जांच का विषय है।
इस मामले में प्रबंधक संचालक से लेकर डिप्टी रेंजर की खुर्शी हिलेगी!

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम बारनवापारा परियोजना मंडल में, क्षेत्र रक्षक,डिप्टी रेंजर, रेंजर, उप मंडल प्रबंधक के लापरवाही से हो रहा है वनों का विनाश…. चोर ले गये लाखो रूपया का मुरूम

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