July 28, 2026 11:14 pm

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बस में यात्री से लिया जा रहा है दोगुना किराया, गरिबों के जेब में डांका शासन प्रशासन मौन

बस में यात्री से लिया जा रहा है दोगुना किराया, गरिबों के जेब में डांका शासन प्रशासन मौन

पिथौरा / छत्तीसगढ़ प्रदेश मे मचा है हाहाकार गरिबों के जेब में डाला जा रहा है डांका,गरिब व मध्य वर्ग के लोग है परेशान !

दरअसल मामला यह है कि कुछ निजी बस संचालकों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित दर से हटकर मवमानी तरिका से दोगुना किराया की राशि वसूली की जा रहा है। अधिक किराये का विरोध करने पर बस कंडक्टर द्वारा रास्ते पर ही बस से उतारने की धमकी दी जा रही है जिससे यात्रिओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लिहाजा यात्री खुलेआम बस संचालकों की लूट का शिकार हो रहे है, और बस संचालकों की मौज हो गई है।

खोजी खबर के अनुसार रायपुर से सराईपाली के मध्य चलने वाली बस मुस्कान ट्रेवल्स की है। इस बस में यात्रा करने वालों से इनके कंडक्टर के द्वारा लगभग दोगुना किराया वसूली कर रहे है जिसके कारण यात्रियों के द्वारा इसका विरोध किये जाने पर उन्हें बीच रास्ते मे ही उतारने की धमकी दी जाती है।
इस संबंध मे कुछ जागरूक व साहसी यात्रियों नें मुख्यमंत्री को टोल प्री नंबर 1076 मे शिकायत भी किया है किन्तु इस पर आज दिवस तक कार्यवाही नहीं हो पा रहा है।

मिली जानकारी अनुसार शिकायतों में रायपुर से पिथौरा 100 किलोमीटर का किराया 300 रूपया वसूला जा रहा है, यह किराया प्लेन से कोई कम नही है। बसों में ठुंस ठुंस कर भरा जाता है, सहीं तरिका से बैठने का जगह भी नही मिलता है,
बकायदा टिकिट दी जाती है जबकि साधारण बस का किराया 150 एवं ऐ सी बस का किराया 200 रूपये अन्य बसों मे लिया जा रहा है।

मनमर्जी किराया वसूली के बाद ‘छत्तीसगढ़’ द्वारा सत्यता जांचने अपना एक आदमी मुस्कान बस से पिथौरा से तुमगांव भेजा। इस सवारी से मुस्कान बस के कंडक्टर नें 150 रूपये वसूल लिए ज़ब उसने बस में ही चस्पा किराया सूची दिखाई तो कंडक्टर ने रौब दिखाते हुए कहा कि हमारी बस मे इतना ही लगेगा जाना है तो ठीक है नहीं तो यही उतार दिए जायंगे।

बस संचालकों के द्वारा कण्डक्टर को इतनी स्वतंत्रता देना उचित नही है, अगर स्वतंत्रता दिये है तो बस संचालक और कण्डक्टर,ड्रायवर की मिलीभगत है।

जबकि अन्य बसों में कण्डक्टरों ने तुमगाव का किराया साधारण बस में 75 एवं एसी बस मे 100 रूपये किराया लेने की बात कही।
शासन की पार्दशी निती पर संका हो रहा है, शासन सरकारी बस चलाने के बजाय प्राईवेट बसों को महत्व देकर छत्तीसगढ़ में लुट मंचाने का कार्य करवाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में पुन: राज्य परिवहन बस शासकीय बस चलाया जाना चाहिए, जितने प्राइवेट बसें है और जितने भी निजी बस संचालक है सभी के सभी पटरी पर आ जायेंगें, शासन प्रशासन के द्वारा निर्धारित दर से अधिक बस किराये वसुली कर खुलेआम यात्रियों को लुट रहे है जिस पर लगाम लगाना अतिआवश्यक हो गया है।

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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