मुस्कान बस की संचालक की मनमानी आया सामने, कंड्रक्टर के द्वारा 150 रूपया के जगह 300 रूपया की जा रही है वसुली
पिथौरा / छत्तीसगढ़ प्रदेश में कुछ निजी बस संचालकों के द्वारा शासन द्वारा निर्धारित दर से दोगुना किराया है। वसूला जा रहा है। अधिक किराए का विरोध करने पर बस कंडक्टर द्वारा रास्ते में। में ही बस से उतारने की धमकी दी जा रही है। लिहाजा यात्री बस संचालकों की खुलेआम लूट का शिकार हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उक्त मामला रायपुर से सरायपाली की ओर संचालित मुस्कान ट्रैवल्स की है। इस बस में यात्रा करने वालों से इनके कंडक्टर लगभग दोगुना किराया वसूल रहे हैं। यात्रियों द्वारा इसका विरोध करने पर उन्हें बीच रास्ते में उतारने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में कुछ जागरूक यात्रियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल 1076 में भी शिकायत की है, पर इस पर कार्रवाई क्या, कोई रोक भी नहीं लगाई गई है, जिससे दोगुने उत्साह से उक्त में कंपनी के कंडक्टर निर्भीकता से बकायदा ने टिकिट काटकर वसूली कर रहे हैं।
बता दें कि विगत सप्ताह में मिली शिकायतों में रायपुर से 100 किमी का किराया 300 रुपए बकायदा टिकिट दी गई, जबकि साधारण बस का किराया 150 व एसी बस का किराया 200 रुपए अन्य बसों में में लिया जा रहा
मनमर्जी किराया वसूली के बाद इस प्रतिनिधि ने सत्यता जाँचने अपना एक आदमी मुस्कान बस में पिथौरा से तुमगांव भेजा। इस सवारी से मुस्कान बस के कंडक्टर ने 150 रुपए वसूल लिए। जब उसने बस में ही चस्पा किराया सूची दिखाई, तो कंडक्टर ने रौब दिखाते हुए कहा कि हमारी बस में इतना ही लगेगा, जाना है तो ठीक है, नहीं तो यहीं उतार दिए जाओगे। जबकि, अन्य बस कंडक्टरों ने तुमगाव का किराया साधारण बस में 75 व एसी बस में 100 रुपए लेने की बात कही। बहरहाल, शासन द्वारा निर्धारित बस किराया की धज्जियां उड़ाते हुए मुस्कान बस ऑपरेटर द्वारा खुलेआम यात्रियों को किराए के नाम पर लूटा जा रहा है। कार्रवाई के अभाव में यात्री भी बस संचालकों की मनमानी सहन कर रहे हैं, इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक
शुक्ला से पक्ष जानने संपर्क करने का प्रयास किया गया।
क्या सरकार ने बस संचालकों को विशेष छुट दे रखा है।
छत्तीसगढ़ की सरकार बस संचालकों को विशेष छुट दे रखा है,जिसके कारण गरिबों की जेब में डांका डालने के लिए कमर कस चुके है,येसा संदेह होता है कि कमीशन की खेल सरकार के हांथ पैर को बांध दे रहे है!

छत्तीसगढ़ में यात्रियों के लिये राज्य परिवहन बस संचालित किया जाये।
छत्तीसगढ़ सरकार को मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश,उड़िसा राज्य की तर्ज पर पुन: राज्य परिवहन बसों का संचालन कराना चाहिए, ताकी आम जनता को समुचित सुविधा मिल सके और गरिबों के जेब में कोई डांका ना डाल सकें।
मंहगाई के मार से जुझ रहे आम जनता को और लुटने का प्रयास किया जा रहा है अगर स्थिति ऐसा ही रहा तो पब्लिक रोड़ पर उतर आयेगी,जितने भी बस संचालक है उक्त मामले को गंभीरता सें लें!





