July 28, 2026 6:21 pm

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बारिश में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, सीएचसी बागबाहरा में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक अन्तः रोगी विभाग LP.D.

बारिश में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, सीएचसी बागबाहरा में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक अन्तः रोगी विभाग LP.D.

रायपुर / छत्तीसगढ़ प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में सर्पदंश से निपटने की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम की 210 वायल उपलब्ध हैं। इसके अलावा अन्य आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का भी पर्याप्स स्टॉक रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों का तत्काल उपचार किया जा सके।

अधीनस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपलब्ध कराया गया एंटी स्नेक वेनम

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से एंटी स्नेक वेनम के स्टॉक की जानकारी ली गई है तथा आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम एवं अन्य आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी

गई हैं। बारिश के मौसम को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने तथा आपात स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, सीधे अस्पताल पहुंचें : डॉ. योगांक चंद्राकर

चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगांक चंद्राकर ने बताया कि सीएचसी बागबाहरा में उपचार के लिए आने वाले अधिकांश मरीज ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों से होते हैं। वन बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण बारिश के मौसम में जहरीले सांपों तथा अन्य विषैले जीव-जंतुओं की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक्र, तंत्र मंत्र या घरेलू उपचार के भरोसे समय गंवाना जानलेवा साबित हो

सकता है। मरीज को तत्काल निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा पहुंचाना चाहिए, जहां समय पर एंटी स्नेक वेनम देकर प्रभावी उपचार किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि यदि बिना किसी जोखिम के सांप की पहचान हो सके या उसकी फोटो उपलब्ध हो, तो इसकी जानकारी चिकित्सक को अवश्य दें। केवल पहचान के लिए सांप को पकड़ने, मारने या उसका पीछा करने का प्रयास न करें। प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। सर्पदंश वाले स्थान पर कसकर पट्टी न बांधें, चीरा न लगाएं और मुंह से जहर चूसने जैसी गलत विधियों का प्रयोग न करें।

डॉ. चंद्राकर ने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में खेत, जंगल या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाते समय पूरी सावधानी बरतें।

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