July 29, 2026 6:23 am

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जंगल सफारी में निजीकरण के खिलाफ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सांथ खड़ा है सांसद बृजमोहन अग्रवाल, श्रमिक हितों को बताया सर्वोपरि

जंगल सफारी में निजीकरण के खिलाफ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सांथ खड़ा है सांसद बृजमोहन अग्रवाल, श्रमिक हितों को बताया सर्वोपरि

रायपुर/ छत्तीसगढ़ के राजधानी नवा रायपुर में स्थित जंगल सफारी में बस संचालन कार्य को वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा निजी एजेंसियों को दिये जाने के लिए टेंडर कर दिये है, जिसके कारण जंगल सफारी में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने विरोध प्रकट करते हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपने के लिए छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से किया मुलाकात!

जंगल सफारी के दैनिक वेतनभोगियों ने भेंट कर अपनी चिंता व पिड़ा बताया, उक्त विषय से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यदि बस संचालन का कार्य टेंडर के माध्यम से निजी एजेंसियों को दिया जाता है, तो पिछले 10-15 वर्षों से कार्यरत वाहन चालकों एवं गाइडों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा और उनका भविष्य बरबाद हो जायेगा।
साथ ही वे भविष्य में नियमितीकरण, स्थायीकरण, एवं अन्य सभी शासकीय लाभों से वंचित हो जाएंगे। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने विषय को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में श्रमिकों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों की आजीविका पर संकट उत्पन्न करना न्यायसंगत नहीं है। सांसद श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि यदि बसों की मेंटेनेंस में समस्या है, तो उसका समाधान विभागीय स्तर पर प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। पुरानी बसों की मरम्मत कर उन्हें पुनः संचालन में लाना एक व्यावहारिक विकल्प है, जिससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग भी होगा और कर्मचारियों का रोजगार भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले को राज्य शासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
सांसद श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार हमेशा से श्रमिकों, कर्मचारियों और आम जनमानस के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रही है, और किसी भी निर्णय में मानवीय पक्ष को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी अपील की कि वे इस विषय में संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसा समाधान निकालें, जिससे न तो व्यवस्था प्रभावित हो और न ही कर्मचारियों के हितों को नुकसान और टेंडर प्रथा बंद हो श्रमिको को नुकसान ना पहुंचे।

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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