July 28, 2026 11:04 pm

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छ.ग.राज्य लघु वनोपज संघ में कार्यरत तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिकों का बैठक रायपुर कुशालपुर में हुआ संपन्न

छ.ग.राज्य लघु वनोपज संघ में कार्यरत तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिकों का बैठक रायपुर कुशालपुर में हुआ संपन्न

पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर 8109719514

रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अतंर्गत समस्त जिला यूनियनों में कार्यरत गोदाम सुरक्षा श्रमिकों सरकार कर रही है अनदेखा, प्रबंध संचालक के द्वारा न ही नियमितीकरण का प्रस्ताव भेजा है और ना ही स्थायीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को सेवा निवृत्त अधिकारी कर्मचारियों का नजर लग गया है, जीवन भर गोदाम सुरक्षा श्रमिकों का शोषण करते हुए आया है और सेवानिवृत के बाद भी शोषण कर रहा है।
तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिकों का कहना है की 48 दिनों के हड़ताल पश्चात वन मंत्री जी के आश्वासन पर हड़ताल स्थगन किया गया था आज पुरा 02 वर्ष बितने जा रहा है किन्तु मांग का अता पता नही है।
छत्तीसगढ़ के समस्त जिला यूनियनों में कार्यरत तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक,जो हरा सोना का सतत निगरानी करता है,उनका भविष्य अंधकारमय है!
तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिकों ने छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ पं.क्र.548 के सांथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने के लिए छ.ग.दै.वे.भो.वन कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष श्री रामकुमार सिन्हा को बैठक में आमंत्रित किया था, ताकि उनके सकुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के दैनिक वेतनभोगी /गोदाम सुरक्षा श्रमिक सफलता प्राप्त कर सके।

प्रान्ताध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक संगठित रहे,व नीतिगत लड़ाई लड़े निश्चित ही सफलता मिलेगा। जब राज्य लघु वनोपज संघ जितने भी सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारी को पाल सकता है तो गोदाम सुरक्षा श्रमिकों को भी पालना पड़ेगा। हरा सोना की समुचित सुरक्षा हम करते है, तब कहीं जाकर संघ अपनी धन का सदुपयोग करता है,अगर हम ही सुरक्षा ना करें तो संपत्ति का क्षति होना निश्चित है।

पुरे छत्तीसगढ़ में लगभग 230 शासकीय गोदाम है,अगर एक एक टीपी गार्ड या गोदाम कीपर के रूप में नियमित किया जाता है तो 230 व्यक्ति नियमित हो सकता है।

प्रान्ताध्यक्ष सिन्हा ने बताया की छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का सुप्रीमों चेयरमेन होता है,अगर वन मंत्री जी और चेयरमेन चाहे तो संचालक मंडल की बैठक में निर्णय पारित कर गोदाम कीपर के नियुक्त करने समाहितीकरण करने का निर्णय ले सकता है। संघ,निगम ,मंडल, बोर्ड स्वतंत्र कार्यवाहक है जो अपने संचालक मंडल के बैठक में निर्णय ले सकता है शासन की अनुमति की आवश्यकता नही है!

छत्तीसगढ़ के समस्त तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिकों को संगठित होने की आवश्यकता है, संगठनात्मक लड़ाई लड़ने पर निश्चित ही सफलता की प्राप्ति होगा।

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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