वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक/कर्मचारी संघ के पदाधिकारी हैदर अली व कुछ विरोधियों के द्वारा मिलकर किया जा रहा है विभाग को बदनाम
रायपुर / छत्तीसगढ़ वन विभाग में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक/कर्मचारी संघ के महासचिव हैदर अली लंबे समय से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी व श्रमिको के विरोध में है वर्ष 2024 में जब दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी 48 दिन अनिश्चित कालीन हड़ताल में थे उस समय भी दैनिक वेतन भोगी वाहन चालकों हड़ताल में सामिल नही होने के लिए निर्देशित किया गया था।
शासन प्रशासन स्तर चल रहे कार्यवाही को देखकर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वाहन चालक /कर्मचारी संघ के प्रान्त सचिव हैदर अली ने संगठन के पदाधिकारियों के बिना संज्ञान में लिये प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर पैसा लिये जाने जैसे गंभीर आरोप लगाया गया है। जिसके कारण वन विभाग के दैनिक वेतन भोगियों एवं वाहन चालकों में आक्रोश का माहौल है, एक षड़यंत्र के तहत अनावश्यक झुठी शिकायत व मिथ्या पेपर बाजी कराया जा रहा है!
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक/कर्मचारी संघ के प्रान्तीय सचिव हैदर अली रेगुलर कर्मचारी है नियमितीकरण स्थायीकरण कोई लेना देना नही है फिर भी उनके द्वारा झुठी व तथ्यहीन लिखित शिकायत दर्ज कराया गया है !
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वाहन चालक /कर्मचारी संघ पंजीयन क्रमांक 122202319004 के उप प्रान्ताध्यक्ष रामभिक्षुक वस्त्रकार ने उप प्रान्ताध्यक्ष के पद से स्थिपा दे दिया है !

कोरबा जिला के वन एवं जलवायु पविरत्रन विभाग वाहन चालक/ कर्मचारी संघ जिला कोरबा जिलाध्यक्ष ने अपने वाहन चालकों के सांथ संयुक्त रूप से स्थिपा दे दिया है। वहीं वाहन चालक संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किर्तन लाल चौहान ने भी स्थिपा दे दिया है।

बस्तर क्षेत्र से बीजापुर, सुकाम जगदलपुर, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, के दैनिक वेतनभोगी वाहन चालक लोगों ने नियमित वाहन चालक संघ से अपनी प्राथमिकी खतम कर लिया दुरी बना लिया, उनके द्वारा भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पत्र प्रेषित किया गया है ! पत्र में लेख किया है कि हैदर अली ने जो आरोप लगाया है वह असहनीय है, हड़ताल के समय भी उनके द्वारा हड़ताल में मत जाईये करके वाहन चालको को मना किया गया था!नियमित वाहन चालकों को दैनिक वेतन भोगियों से कोई लेना देना नही है,उसके बावजूद भी इनके द्वारा जो पत्राचार किया गया है वह केवल दुर्भावना से प्रेरित होकर ही किया गया है।जिस प्रकार से “नियमितीकरण के नाम पर अवैध वसूली जैसे शब्दों का समाचार प्रकाशित हुआ है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से नियमितीकरण के नाम पर प्रति कर्मचारी राशि की मांग की जा रही है जैसे फर्जी शिकायत की गई है।

सफलता देकर विरोधियों के पसिना छुट जा रहा है इसलिए इस प्रकार से झुठी व भ्रमक पत्राचार तथा मिथ्या व तथ्यहीन समाचार पत्रों प्रकाशन कराया जा रहा है जो कि सहीं नही है।
महिला मंच के प्रदेश अध्यक्ष संध्या मिश्रा तथा उपाध्यक्ष श्रीमती चेमन बाई साहु ने बता कि पूर्व में छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के पूर्व पदाधिकारी रहे थे जो लगातार संघ विरोधी कार्य में लिप्त रहते थे इसलिए उन लोगों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है जिससे पीड़ित और व्यथित होकर लगातार सिकवा शिकायतें करते और करवाते रहते है!
ढ़ेल साल पहले कुछ महिलाओं के कंधा में बंदुक रखकर थाना में तीन तीन अलग अलग मामला छेड़छाड़ , मारपीट का भिन्न भिन्न प्रकरण दर्ज कराने हेतु आवेदन कराये थे, किन्तु दुध का दुध पानी का पानी हो गया।
उसके बाद विभाग में प्रकरण चलवाये,महिला आयोग में प्रकरण चलवाये सभी प्रकरण नस्तीबद्ध हो गये!
ढ़ेड़ साल पहले भी करोड़ो रूपया का लेन देन का फर्जी आरोप लगाया था, व झुठी प्रकाशन कराया था, विरोधी लोग साल भर में 12 से 13 लोग नही हो पा रहे है जिसके कारण येसा घिनौना व निचता हरकत कर रहे है।
विरोधी लोग बुजदिली हरकत कर रहे हैं इस बार महिला संगठन आर पार की लड़ाई लड़ने के लिये तैयार हैं।
महिला मंच की अगुवाई में इस बार जंगी प्रदर्शन की तैयारी चल रही है ताकि इस प्रकार के विरोधियों पर नकेल कसा जा सकें!
पुरे छत्तीसगढ़ के वन विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी महिला मंच हैदर अली के द्वारा किये गये कृत्य का पुर जोर विरोध करता है, मंजा लुटने के उद्देश्य जो पेपर में प्रकाशन करा रहे है जिसका घोर निंदा करते हैं।
महिला मंच के प्रदेश अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से अपील की है कि अपनी एकता बनाये रखे दिगभ्रर्मित बिल्कुल भी ना हो, वन विभाग के अंतर्गत कार्य करने वाले भाई बहन से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली वाला मामला हमारे संज्ञान में नही आया है और न किसी ने किसी को दिया है, हैदर अली के द्वारा लगाये गये आरोपो का खंडन किया जाता है।





