October 28, 2026 8:27 am

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वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों के द्वारा किया गया जानलेवा हमला वन अधिकारी व कर्मियों को जमकर पीटा:- वन कर्मचारी संगठनों ने किया दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग

वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों के द्वारा किया गया जानलेवा हमला वन अधिकारी व कर्मियों को जमकर पीटा:- वन कर्मचारी संगठनों ने किया दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग

रायपुर / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन विभाग के अमले पर अतिक्रमणकारियों के द्वारा जानलेवा हमला किया गया है। बागबाहरा वन परिक्षेत्र के आमाकोनी परिवृत्त के यह वहीं गांधीग्राम तमोरा है जहां पर
9 सितंबर 1930 को जिला महासमुंद की वीर बालिका दयावती कंवर ने ब्रिटिश अंग्रेज अफसर डिप्टी कमिश्नर / एसडीओ को जंगल सत्याग्रह के दौरान झापड़ मारा था।

जल जंगल जमीन को लेकर सत्याग्रह की लड़ाई लड़ी गई थी किन्तु मूल छत्तीसगढ़यों के बजाय बाहरी जो बेटी दामांद, या अन्य रिस्तेदार है जो उड़िसा से विलांग करते है येसे लोगों ने बागबाहरा वन परिक्षेत्र के जंगलों अतिक्रमण कर अपना अधिकार जमाये हुए हैं।

राजनीतिक हथकंडों के बीच हो रहा है जंगलों का सर्वनाश..

राजनीतिक संरक्षण में लगातार जंगलों में हो रहा है अतिक्रमण, बागबाहरा वन परिक्षेत्र में जंगलों में उड़िसा के व्यक्तियों का धमक है, लगातार वनों की कटाई करके अतिक्रमण किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार लगातार वनाधिकार पट्टों का वितरण करा रही है, और अनेको येसे गांव है जो 75-80 वर्ष पूर्व न गांव बना था न ही ग्राम पंचायत बना था उसके बाद भी सरपंचों के द्वारा वनाधिकार पट्टा बनाये जाने हेतु पंचायत प्रस्ताव दे दिया जा रहा है।

शासन के नियमानुसार पट्टा का वितरण नही हो रहा है बल्की राजनीतिक हावि होकर अनाप शनाप पट्टा बना दिया गया है या बनाया जा रहा है, बागबाहरा क्षेत्र में कई येसे गांवों है जहां वनाधिकार पट्टा वितरण किया गया है वहां न वन रक्षक को पता है और न डिप्टी रेंजर, रेंजर को पता है।

पटवारियों के द्वारा कर दिया गया है पट्टा वितरण और रिण पुस्तिका जारी!

वनों की सुरक्षा करने वाले वन कर्मचारी तथा वनों में सुरक्षा करने वाले सुरक्षा श्रमिकों में भय का वातावरण बना हुआ है।

वनों की सतत् निगरानी करने वाले सुरक्षा श्रमिकों को 6000 रूपया मासिक वेतन भुगतान किया जाता है, 6000 रूपया में सुरक्षा श्रमिक कैसे जीवन निर्वहन कर पायेगा पर भी पेड़ की पिड़ा भुख 6000 रूपया में काम कराने के लिये मजबुर करा रही है। जबकी छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के नियमानुसार लगभग 10,600 के मध्य वेतन भुगतान होना चाहिए लेकिन वन प्रबंधन समिति के आड़ में सिमित वेतन देकर कार्य लिया जा रहा है।

वन कर्मियों को अतिक्रमणकारियों ने बंधक बनाकर जमकर पीटा है. घटना के बाद वन विभाग में मचा हुआ है हड़कंप

प्राप्त जानकारी अनुसार घटना बागबाहरा वन परिक्षेत्र के तमोरा ग्राम के कक्ष क्रमांक 95 और 96 की है, बीती रात वन विभाग को सूचना मिली थी कि जंगल में जंगली सूअर का शिकार किया जा रहा है, सूचना मिलते ही बागबाहरा वन परिक्षेत्र अधिकारी रेंजर नवीन वर्मा ने वनकर्मी सहित और आमाकोनी के डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा, वन रक्षक टोमन दिवान, रंजीत सिंह और चौकीदार राकेश कुमार ध्रूव, दैनिक वेतनभोगी पुनम साहु, महेश चंद्राकर, हरदेव वर्मा, टीकेलाल साहु एवं अन्य स्टाफ के सांथ रात्री में मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचा था।

उसी दरमियान अतिक्रमण कारियों ने लगभग 40 से 50 की संख्या में आकर अचानक से हमला कर दिया जिससे कुछ कर्मचारी अपने बीच बंचाव करते हुए भाग खड़े हुए लेकिन आमाकोनी के डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा को धरदबोचा और जमकर पिटाई कर दी।

वहां पर पहले से मौजूद 40 से 50 लोगों ने जिसमें महिला-पुरुषों सामिल है जो वन भूमि पर अतिक्रमण किये हुए है, उन लोगो के द्वारा वन अमला पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, हमलावरों ने रेंजर नवीन वर्मा, डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा और चौकीदार राकेश ध्रुव को घेर लिया और करीब 6 घंटे बंधक बनाए रखा और इस दौरान उनके साथ लगातार गाली-गलौज और मारपीट किया गया।

रेंजर ने बड़े सुझबुझ के सांथ पुलिस प्रशासन को सूचना दिये, पुलिस प्रशासन को सूचना मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुंची
किसी तरह से बंधकों को छुड़ाया गया! सभी घायल वन कर्मियों को देर रात में ही अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है।

जानकारी के अनुसार हमला करने वाले सभी लोग वन भूमि पर अतिक्रमण किये हुए हैं, जिसके कारण वन विभाग की कार्रवाई से नाराज थे इसी वजह से उन्होंने टीम पर अचानक से हमला किया!

राकेश कुमार ध्रूव चौकीदार जिन्हे 6000 रूपया मासिक वेतन भुगतान होता है उनके पिठ हांथ व पैरों पर गंभीर चोट लगा है, 6000 कि मेहनताना मरकम के काम भी नही कर पायेगा।

घटना के बाद से पुरे इलाके में सन सनी फैल गई और तनाव की स्थिति है,पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपियों की पहचान की जा रही है, वन कर्मचारियों ने कहा कि अगर अपराधी लोगों को जल्द से जल्द जेल में दाखिल नही किया जाता है तो काम बंद कलम बंद करने के लिए बाध्य होगा।

अब देखना यह होगा कि वास्तव में शासन कुछ कार्यवाही करता है या राजनीतिक फंडा अपनाने के लिए माहौल को शांत होने के लिए हवा देने का काम करेंगे।

sanchar bharat
Author: sanchar bharat

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